Motherboard साइलेंट पावरहाउस:सम्पूर्ण जानकारी

Motherboard-साइलेंट पावरहाउस:सम्पूर्ण जानकारी

मदरबोर्ड की जानकारी की तलाश में इस साइट पर आए हैं मैं आपको विश्वास दिलाता हूं जब तक आप इस आर्टिकल को कंप्लीट करेंगे तो आप जान चुके होंगे कि मदरबोर्ड क्या है ?और कैसे काम करता है ?

इसके विषय में सारी जानकारी आपको मिल चुकी होगी| मैं चाहता हूं कि रीडर्स को कंप्लीट जानकारी मिले , हमारे इस वेबसाइट का मकसद ही यही है कि जानकारी को कंप्लीट करा जाए क्योंकि आधी अधूरी जानकारी सही नहीं होती है |

एक बार मेरे लेख को पढ़ लेने के बाद आपको किसी दूसरे लेख में जाने की आवश्यकता नहीं पड़नी चाहिए -ऐसा मेरा सोचना है क्योंकि समय बहुत कीमती है ओर उसे हमे संभाल कर खर्च करना चाहिए-|

मदरबोर्ड( Motherboard ) कंप्यूटर एक ऐसा डिवाइस है जो बहुत सारे छोटे बड़े हार्डवेयर से मिलकर बनता है जैसे  रेम, सीपीयू, हार्ड डिस्क, मॉनिटर इत्यादि. |

हम इस लेख में जिस हार्डवेयर के बारे में चर्चा करेंगे वह मुझे सबसे ज्यादा पसंद है क्योकि यह हमारे शरीर मे दिल की तरह है जो पूरे शरीर को ब्लड सप्लाई करता है

ठीक उसी तरह से वह सारे कंपोनेंट को अपने में जोड़ कर रखता है और सभी दूसरे components को connectivity प्रदान करता है

आप समझ गए होंगे कि मैं किस component की बात कर रहा हूं जी हां दोस्तों वह component है मदरबोर्ड. |

मदरबोर्ड कंप्यूटर का महत्वपूर्ण पार्ट में से एक है जो कंप्यूटर को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है इसके बिना भी हम कंप्यूटर की कल्पना नहीं कर सकते |

Motherboard क्या है ?

Motherboard

जब आप कंप्यूटर के कैबिनेट को ओपन करते हैं तो उसमें एक चौकोर पतले प्लेट जैसा और सभी उपकरणों में जुड़ा हुआ एक सर्किट बोर्ड होता है जिसे हमMotherboard कहते हैं

मदरबोर्ड को हम मेन सर्किट बोर्ड या लॉजिक बोर्ड के नाम से भी जानते हैं मुख्यता यह एक pcb प्रिंटेड सर्किट बोर्ड होता है|

जिसे हम एक हब की तरह जोड सकते हैं जो कंप्यूटर के दूसरे हार्डवेयर को अपने साथ कनेक्ट करके रखता है

मदरबोर्ड क्यों कहते हैं ?

जैसा कि हमने पहले भी चर्चा किया हुआ है की Motherboard क्या होता है ? और अब आप जानने वाले हैं कि हम मदरबोर्ड को मदरबोर्ड क्यों कहते हैं ?

जैसा कि हम सभी जानते हैं कंप्यूटर छोटे बड़े काफी सारे ऐसे कंपोनेंट से मिलकर बनता है जो एक दूसरे से कनेक्ट रहते हैं

और इन सभी छोटे-बड़े कंपोनेंट को एक साथ कनेक्ट करने के लिए हमें एक ऐसे सर्किट बोर्ड की आवश्यकता था जो सभी कंपपॉनेंट को जोड़ सकें या एक दूसरे को कनेक्ट करके रख सकें |

और उन्हें जरूरत के हिसाब से कमांड को देने के लिए या इंफॉर्मेशन को पहुंचाने के लिए रास्ता प्रदान कर सकें तथा जिस सर्किट बोर्ड में सारे कंपोनेंट को जोड़ा गया है उसी सर्किट बोर्ड को हम मदरबोर्ड कहते है |

मदरबोर्ड के पार्ट्स

मदरबोर्ड-Motherboard

Mother board CPU socket

सीपीयू को Motherboard के सीपीयू सॉकेट में असेंबल किया जाता है सॉकेट को प्रोसेसर के आधार पर डिजाइन किया जाता है जैसे कि जितने पिन का प्रोसेसर उतने पिन का सीपीयू सॉकेट भी होता है |

साथ ही सीपीयू पिन वाला या बिना पिन वाला भी हो सकता है जैसे जिस सीपीयू में पिन हो तो उसमें सीपीयू सॉकेट में होल बने होंगे और यदि सीपीयू बिना पिन (pad ) वाला हुआ तो cpu socket बिना पिन वाला होगा|

इसमें सीपीयू को होल्ड करने के लिए एक लॉक भी दिया जाता है जिससे सीपीयू को स्थिरता मिलता है |

heat sink

सीपीयू ओर मदरबोर्ड को ठंडा रखने के लिए इसका उपयोग किया जाता है

back penel & i/o connection

इसके जरिए हम कुछ इनपुट डिवाइस जैसे कीबोर्ड माउस और आउटपुट डिवाइस जैसे मॉनिटर प्रिंटर को कनेक्ट करते हैं

pci slot

जब हमें अपने कंप्यूटर में एक्सट्रा डिवाइस जैसे- मॉडेम , प्रिंटर को कनेक्ट करना पड़ता है यह हमारे मदरबोर्ड तब और डिवाइस को कनेक्ट करने के लिए जगह नहीं होता

तो हम pci slot एक्सपेंशन कार्ड के जरिए अपनी आवश्यकता अनुसार कार्ड को असेंबल करके सुविधा प्राप्त कर सकते हैं |

hard disk connecting slot (sata raid, pata raid)

पहले के Motherboard में यह उन 39 पिनों वाला होता था जिसे हम पाटा कहते थे और वर्तमान में sata होता है जो छोटा और पतला और स्पीड भी अच्छा होता है |

कुछ मदरबर्ड में अभी भी 39 पिनो वाला आता है जिसे प्राइमरी एंड सेकेंडरी ata raid के नाम से जानते हैं इसमें हार्ड डिस्क ड्राइव को कनेक्ट करते हैं|

24pin power connection

इसके जरिए smps से मदरबोर्ड को पावर दिया जाता है |

primery memory slot ( ram slot)

इस स्लॉट में ram को असेंबल करते हैं अलग-अलग ram के अनुसार अलग ram सॉकेट वाला मदरबोर्ड भी उपयोग में लाया जाता है जैसे ddr1, ddr2, dd3, ddr4, इत्यादि |

cmos battery pocket

इसमें कॉइन सेल cmos बैकअप बैटरी को फिट करते हैं  यह गोल आकार का होता है जिसमें six pin की अटैचमेंट के लिए होल बने होते हैं जिसका फुल फॉर्म  (Complementary metal oxide semiconductor) होता है|

और यह 3. 0 वोल्ट का लिथियम सेल होता है जो cmos की सहायता से bios की सेटिंग ऑर डेट और टाइम को सेव करता है |

bios

मदरबोर्ड की सारी बूट करने वाली सेटिंग को इसमें स्टोर करके रखा जाता है |

chipset

कंप्यूटर Motherboard का एक इंपोर्टेंट पार्ट है जो कंप्यूटर मदरबोर्ड पर लगी सभी ic chip में से सबसे बड़ी चिप होती है यह चिप्स दो भागों में बटा होता है  पहला नॉर्थब्रिज, दूसरा साउथब्रिज |

ps2 port

Motherboard में यह गोल आकार का होता है जिसमें 6 पिन की अटैचमेंट के लिए होल बने होते हैं जिसमें PS2 वाला कीबोर्ड से एवं माउस को कनेक्ट किया जाता था |

यह दो अलग-अलग कलर में होते हैं जिसमें एक पर्पल तथा दूसरा ग्रीन होता है पर्पल कलर वाले पोर्ट को कीबोर्ड के लिए तथा ग्रीन कलर वाले पोर्ट को माउस के लिए उपयोग किया जाता था |

USB port

यह आयताकार शेप में बना एक छोटा सा फीमेल पोर्ट होता है इसका पूरा नाम यूनिवर्सल सीरियल बस होता है इसके अंदर 4 या 9 पिन होते हैं इसका अधिकतम डाटा ट्रांसफर स्पीड 10 गीगाबाइट पर सेकंड तक हो सकता है |

lan port

यह internet नेटवर्किंग में उपयोग होने वाला पोर्ट होता है इसके जरिए हम 2 या 2 से अधिक कंप्यूटरों को एक साथ कनेक्ट कर सकते हैं इसे लोकल एरिया नेटवर्क के नाम से भी जाना जाता है|

vga port

इसका पूरा नाम videographic Arrey है इसके माध्यम से वीडियो सिग्नल को आउटपुट किया जाता है 15 पिनो वाला vga केबल के जरिए जिसे हम मॉनिटर में देखते हैं|

hdmi port

यह पोर्ट भी विजुअल डिस्प्ले यूनिट को जोड़ने के लिए उपयोग किया जाता है|

serial port/parallel port

इस पोर्ट 9 पिन होते हैं जिसका उपयोग मॉडम प्रिंटर कीबोर्ड माउस को कनेक्ट करने के लिए अर्ली कंप्यूटर में उपयोग किया जाता था लेटेस्ट कंप्यूटर में इस सिस्टम को हटा दिया गया है|

audio mic port

इसके जरिए म्यूजिक सिस्टम तथा माइक्रोफोन को कनेक्ट किया जाता था|

मदरबोर्ड का इतिहास

माइक्रोप्रोसेसर के आविष्कार से पहले, डिजिटल कंप्यूटर में कार्ड-केज केस में कई मुद्रित सर्किट बोर्ड होते थे, जिसमें बैकप्लेन से जुड़े घटकों, इंटरकनेक्टेड सॉकेट्स का एक सेट होता था।

बहुत पुराने डिजाइनों में, तांबे के तार कार्ड कनेक्टर पिन के बीच असतत कनेक्शन थे, लेकिन मुद्रित सर्किट बोर्ड जल्द ही मानक अभ्यास बन गए।

केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई (सीपीयू), मेमोरी और बाह्य उपकरणों को अलग-अलग मुद्रित सर्किट बोर्डों पर रखा गया था, जिन्हें बैकप्लेन में प्लग किया गया था। 1970 के दशक की सर्वव्यापी S-100 बस इस प्रकार की बैकप्लेन प्रणाली का एक उदाहरण है।

1980 के दशक के सबसे लोकप्रिय कंप्यूटरों जैसे कि Apple II और IBM- PC ने योजनाबद्ध आरेख और अन्य दस्तावेज प्रकाशित किए थे जो तेजी से रिवर्स-इंजीनियरिंग और तृतीय-पक्ष प्रतिस्थापन मदरबोर्ड की अनुमति देते थे।

आम तौर पर उदाहरणों के साथ संगत नए कंप्यूटर बनाने के इरादे से, कई मदरबोर्ड ने अतिरिक्त प्रदर्शन या अन्य सुविधाओं की पेशकश की और निर्माता के मूल उपकरण को अपग्रेड करने के लिए उपयोग किया गया।

1980 के दशक के अंत और 1990 के दशक की शुरुआत में, Motherboard पर परिधीय कार्यों की बढ़ती संख्या को स्थानांतरित करना किफायती हो गया।

1980 के दशक के उत्तरार्ध में, पर्सनल कंप्यूटर मदरबोर्ड में एकल IC (जिसे सुपर I/O चिप्स भी कहा जाता है) को शामिल करना शुरू किया गया था,|

जो कम गति वाले बाह्य उपकरणों के एक सेट का समर्थन करने में सक्षम था: PS/2 कीबोर्ड और माउस, फ्लॉपी डिस्क ड्राइव, सीरियल पोर्ट और समानांतर पोर्ट . 1990 के दशक के अंत तक,

कई व्यक्तिगत कंप्यूटर मदरबोर्ड में उपभोक्ता-ग्रेड एम्बेडेड ऑडियो, वीडियो, स्टोरेज और नेटवर्किंग फ़ंक्शंस शामिल थे,| 

बिना किसी विस्तार कार्ड की आवश्यकता के; 3डी गेमिंग और कंप्यूटर ग्राफिक्स के लिए उच्च-स्तरीय सिस्टम आमतौर पर केवल ग्राफिक्स कार्ड को एक अलग घटक के रूप में बनाए रखते हैं।

व्यावसायिक पीसी, वर्कस्टेशन और सर्वर को विस्तार कार्ड की आवश्यकता होने की अधिक संभावना थी, या तो अधिक मजबूत कार्यों के लिए, या उच्च गति के लिए; उन प्रणालियों में अक्सर कम एम्बेडेड घटक होते थे।

मदरबोर्ड की परिभाषा

Motherboard कंप्यूटर के अंदर का मुख्य सर्किट बोर्ड होता है जो कंप्यूटर के विभिन्न हिस्सों को एक साथ जोड़ता है।

इसमें सीपीयू, रैम और expantion card के लिए सॉकेट हैं और यह केबल और तारों के साथ हार्ड ड्राइव, डिस्क ड्राइव और फ्रंट पैनल पोर्ट से भी जुड़ा है।

मदरबोर्ड को मेनबोर्ड, प्लानर बोर्ड या लॉजिक बोर्ड, सिस्टम बोर्ड, मोबो या एमबी के रूप में भी जाना जाता है। यह कंप्यूटर के सभी अलग-अलग हिस्सों को एक साथ जोड़ता है

और सीपीयू को इन अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने और नियंत्रित करने की अनुमति देता है।

आंतरिक घटकों को पाटने के अलावा, मदरबोर्ड पोर्ट आपको बाहरी उपकरणों को कंप्यूटर से जोड़ने की भी अनुमति देता है।

ऐसे बाहरी उपकरणों में मॉनिटर, स्पीकर, हेडफ़ोन, माइक्रोफ़ोन, कीबोर्ड, माउस, मॉडम और अन्य USB डिवाइस शामिल होंगे।

मदरबोर्ड के कनेक्टर

आंतरिक मदरबोर्ड

सॉकेट ईपीएस + 12 v

dimm सॉकेट / रैम स्लॉट

एटीएक्स 24 पिन

पीसीआई एक्सप्रेस (पीसीआईई) कनेक्टर

3-पिन और 4-पिन फैन कनेक्टर (PWM)

sata कनेक्टर

यू.2 एम.2 कनेक्टर

यूएसबी कनेक्टर

ऑडियो

आरजीबी

एआरजीबी

बाहरी मदरबोर्ड

यूएसबी कनेक्टर

आरजे 45

HDMI

DisplayPort

डीवीआई

ऑडियो जैक

यूएसबी टाइप-सी

s/pdif

sma कनेक्टर्स

वीजीए

कॉम पोर्ट

Parallel port

गेम पोर्ट

फायरवायर (आईईई 1394)

मदरबोर्ड के प्रकार

1. AT Motherboard

इन मदरबोर्ड में सैकड़ों मिलीमीटर के बड़े भौतिक आयाम हैं और इसलिए ये मिनी डेस्कटॉप श्रेणी के कंप्यूटरों के लिए उपयुक्त नहीं हैं।

बड़ा भौतिक आकार भी नए ड्राइवरों को स्थापित करने से रोकता है। इन मदरबोर्ड में पावर कनेक्टर के रूप में सॉकेट और सिक्स-पिन प्लग का उपयोग किया जाता है।

ये पावर कनेक्टर आसानी से पहचाने जाने योग्य नहीं हैं और इसलिए उपयोगकर्ताओं को इसे जोड़ने और उपयोग करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।इस प्रकार का मदरबोर्ड 1980 के दशक में प्रचलन में था|

2. ATX

एटीएक्स विस्तारित उन्नत तकनीक को दर्शाता है, इसे 1990 के दशक के दौरान इंटेल द्वारा विकसित किया गया था और यह एटी मदरबोर्ड के पुराने संस्करण पर एक बेहतर संस्करण था।

एटी की तुलना में यह आकार में छोटा होता है और यह जुड़े घटकों की विनिमेयता प्रदान करता है। कनेक्टर पहलुओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

3. LPX

इस मदरबोर्ड में पिछले संस्करणों की तुलना में दो सुधार थे। पहला इनपुट और आउटपुट पोर्ट को बैकसाइड में ले जाया गया और दूसरा अधिक स्लॉट और आसान कनेक्शन की सुविधा के लिए रिसर कार्ड की शुरुआत थी।

इनमें से कुछ विशेषताएं एटी मदरबोर्ड में तैनात की गई थीं। इस बोर्ड में मुख्य नुकसान त्वरित ग्राफिक पोर्ट (एजीपी) स्लॉट की कमी है जिसके कारण पीसीआई से सीधा कनेक्शन हो गया है। इन मदरबोर्ड के मुद्दों को एनएलएक्स बोर्डों में संबोधित किया गया था।

4. BTX

BTX बैलेंस्ड टेक्नोलॉजी एक्सटेंडेड को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य अधिक बिजली आवश्यकताओं के संदर्भ में नई तकनीकों की मांगों का प्रबंधन करना है|

इसलिए अधिक गर्मी उत्पन्न होती है। 2000 के दशक के मध्य में कम शक्ति वाले सीपीयू पर ध्यान केंद्रित करने के लिए इंटेल ने बीटीएक्स बोर्डों के और विकास को रोक दिया।

5. Pico BTX

ये बोर्ड आकार में छोटे होते हैं और इसलिए पिको शब्द। बीटीएक्स के शीर्ष आधे हिस्से को साझा करने के बावजूद दो विस्तार स्लॉट समर्थित हैं।

हाफ-हाइट या रिसर कार्ड इसकी अनूठी विशेषताएं हैं और यह डिजिटल अनुप्रयोगों की मांगों का समर्थन करता है।

6. Mini ITX

यह अपने पुराने संस्करणों की तुलना में मदरबोर्ड का एक लघु संस्करण है। 2000 के दशक की शुरुआत में डिज़ाइन किया गया और इसका आयाम 17 x 17 सेमी है।

कम बिजली की खपत और तेज शीतलन क्षमता के कारण मुख्य रूप से छोटे फॉर्म फैक्टर (एसएफएफ) कंप्यूटर में उपयोग किया जाता है।

यह Motherboard अपने निम्न स्तर के पंखे के शोर के कारण होम थिएटर डोमेन में सबसे पसंदीदा है जो थिएटर सिस्टम की गुणवत्ता में सुधार करेगा।

मदरबोर्ड के कार्य

Motherboard उस प्लेटफॉर्म के रूप में भी कार्य करता है जिस पर अन्य उपकरणों/इंटरफेस को स्थापित करने के लिए विभिन्न विस्तार स्लॉट उपलब्ध हैं।

मदरबोर्ड कंप्यूटर के विभिन्न घटकों को बिजली वितरित करने के लिए भी जिम्मेदार है। इनका उपयोग कंप्यूटर में विभिन्न उपकरणों के समन्वय में भी किया जाता है और उनके बीच एक इंटरफेस बनाए रखता है। 

मदरबोर्ड की विशेषताएं

Motherboard विभिन्न प्रकार के घटकों का समर्थन करने में बहुत भिन्न होता है। मदरबोर्ड एक ही प्रकार के CPU और कुछ प्रकार की मेमोरी को सपोर्ट करता है।

वीडियो कार्ड, हार्ड डिस्क, साउंड कार्ड को ठीक से काम करने के लिए मदरबोर्ड के साथ संगत होना चाहिए। मदरबोर्ड, केस और बिजली की आपूर्ति एक साथ ठीक से काम करने के लिए अनुकूल होनी चाहिए।

मदरबोर्ड का चिपसेट

यदि आपने Motherboard या कंप्यूटर के प्रदर्शन पर कोई शोध किया है, तो आप “चिपसेट” शब्द से परिचित हो सकते हैं। यह आवश्यक पीसी घटक सब कुछ काम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, |

लेकिन एक चिपसेट वास्तव में आपके कंप्यूटर में क्या करता है? इस शब्द के बारे में अधिक जानें और कंप्यूटर की समझ रखने वाले उपभोक्ताओं की श्रेणी में शामिल हों, जो जानते हैं कि खरीदारी करते समय क्या देखना है।

मदरबोर्ड बैटरी

एक बैटरी जो cmos मेमोरी में समय, दिनांक, हार्ड डिस्क और अन्य कॉन्फ़िगरेशन सेटिंग्स को बनाए रखती है।

पावर के कट होने के बाद भी | CMOS बैटरियां छोटी होती हैं और सीधे मदरबोर्ड से जुड़ी होती हैं। 3 वाल्ट dc के साथ market मे मिलता है |

मदरबोर्ड वीआरएम ( vrm) क्या है

Motherboard का वोल्टेज रेगुलेटर मॉड्यूल (वीआरएम), जिसे प्रोसेसर पावर मॉड्यूल के रूप में भी जाना जाता है, एक स्टेप-डाउन पावर कन्वर्टर है जो कंप्यूटर के माइक्रोप्रोसेसर को उचित मात्रा में वोल्टेज की आपूर्ति करता है।

यह इन्वर्टर एक ही मदरबोर्ड पर अलग-अलग मात्रा में आपूर्ति वोल्टेज वाले प्रोसेसर को माउंट करने की अनुमति देता है

हमने जाना

इस लेख में हमने जाना मदरबोर्ड को  कंप्यूटर का दिल भी कहते हैं मदरबोर्ड कंप्यूटर का महत्वपूर्ण पार्ट में से एक है जो कंप्यूटर को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है

मदरबोर्ड को हम मेन सर्किट बोर्ड या लॉजिक बोर्ड के नाम से भी जानते हैं मुख्यता यह एक pcb प्रिंटेड सर्किट बोर्ड होता है|

जिसे हम एक हब की तरह जोड सकते हैं जो कंप्यूटर के दूसरे हार्डवेयर को अपने साथ कनेक्ट करके रखता हैऔर यह क्या काम करता है ? और कैसे काम करता है ?  इसे भी हमने संक्षेप में समझने का प्रयास किया है |

हमने मदरबोर्ड के प्रकार के विषय में जाना जैसे AT ,lpx, atx, Motherboard जो आपके लिए काफी उपयोगी साबित हुआ होगा  ऐसी मुझे आशा है | इस लेख को पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद |

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